Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 73, Verse 24
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 73, verse 24 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 73 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
सति पुर्यष्टके तस्मिञ्जीवः स्फुरति नोपले ।
सति वायाविव रजः सति दीप इवेक्षणम् ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामजी, जिनका
समस्त राग विनष्ट हो गया है, जिनके पाप दूर हो गये हैं तथा जो परब्रह्मपद को प्राप्त हो चुके हैं ऐसे
जीवन्मुक्त पुरुष उसी प्रकार के विशिष्ट विज्ञान से युक्त होकर इस संसारमण्डल मेँ विचरण करते
हैं