Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 71, Verse 12
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 71, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 71 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
इह शुद्धा चिदेवास्ति पारावारविवर्जिता ।
अयं सोऽहमिदं तन्म इति ते मास्तु विभ्रमः ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
जाग्रत् अवस्था में ही सुषुप्तस्थ है, यह जो पहले कहा था, उसे विशद करते है।
चित्त के विषय सम्बंधिनी वृत्तियों से शून्य हो जाने पर क्षीण वृत्तिवाले अन्त:करणों की जो वासनाओं
से निर्मुक्त प्रशान्त स्थिति है, वही जाग्रत्-में सुषुप्ति कही जाती है