Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 66, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 66, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 66 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
आत्मलाभं विना साधो विना ज्ञानमहौषधम् ।
उदेति पुनरेवेयं दुःसंसृतिविषूचिका ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
हे साधो, आत्मा की प्राप्ति के बिना और ज्ञानरूप महान् औषध के बिना यह
संसाररूपी दुष्ट महामारी पुनः पुनः उत्पन्न होती ही रहती है