Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 61, Verse 40
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 61, verse 40 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 61 · श्लोक 40
संस्कृत श्लोक
अहो बत चिरं कालमावां विश्लेषमागतौ ।
कालेन श्लेषितौ भूयो वसन्ताद्रितटाविव ॥ ४० ॥
हिन्दी अर्थ
अहो, अपने दोनों को
एक दूसरे से अलग हुए बहुत काल व्यतीत हुआ, परन्तु वसन्त ऋतु और पर्वततट की नाई समय प्राप्त
होने पर फिर मिल गये