Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 58, Verse 26
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 58, verse 26 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 58 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
महतां संगमेनार्तिः कस्य नाम न नश्यति ।
संदेहं तु परामार्तिमाहुरार्तिविदो जनाः ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
महाराज बड़ों के संसर्ग से भला किसको दुःख से छुटकारा नहीं होता ? दुःख
के स्वरूप को भली-भाँति जाननेवाले विज्ञ जन सन्देह को ही महान् दुःख कहते हैं