Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, Verse 72
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, verse 72 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 72
संस्कृत श्लोक
तां महानन्दपदवीं चित्तादासाद्य देहिनः ।
दृश्यं न बहु मन्यन्ते राजानो दीनतामिव ॥ ७२ ॥
हिन्दी अर्थ
जिस प्रकार राजा लोग दीनता को कुछ नहीं गिनते उसी प्रकार श्रवण, मनन,
निदिध्यासन और समाधि द्वारा परिष्कृत चित्त-से महाआनन्द पदवी को प्राप्त करकेजीव दृश्य का
आदर नहीं करते