Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, Verse 12
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
दग्धदेहपुरो वह्निः शशामाशनिवत्क्षणात् ।
अदृश्यत सितं भस्म शारीरं हिमपाण्डुरम् ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
अग्नि शरीररूपी नगर को
जलाकर बिजली की तरह क्षण भरमें शान्त हो गई, बरफ की तरह सफेद रंगवाली शरीर की भस्म
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