Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 53, Verse 69
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 53, verse 69 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 53 · श्लोक 69
संस्कृत श्लोक
धातूनां संनिवेशोऽयं देहनामा रिपुर्मम ।
प्रक्षीयमाणे मनसि गलत्वेषोऽवतिष्ठतु ॥ ६९ ॥
हिन्दी अर्थ
त्वचा, रक्त, मांस, मेदा, हड़ी, मज्जा
ओर शुक्र नाम की धातुओं का संघातरूप यह देहनामक मेरा शत्रु मन के क्षीण होने पर चाहे नष्ट
हो जाय, चाहे रहे मेरी कोई भी क्षति नहीं हे