Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 53, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 53, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 53 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
नास्त्येव हि पदार्थश्रीरात्मैवास्तीह सर्वगः ।
पदार्थलक्ष्म्यां सत्यां च संबन्धोस्ति न कस्यचित् ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
पदार्थ शोभा बिलकुल है ही नहीं, एकमात्र सर्वव्यापक आत्मा ही है अथवा पदार्थ
शोभा भले ही हो फिर भी उसका किसी के साथ सम्बन्ध नहीं हो सकता है