Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 52, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 52, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 52 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
अनुधावति यो भोगांस्त्यक्त्वा शमरसायनम् ।
संत्यज्य मन्दारवनं स याति विषजङ्गलम् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
जो
शान्तिरूपी रसायन का त्यागकर विषय भोगों की ओर दौड़ता है, वह मन्दार वन का त्याग कर विष वृक्षों
से भरे हुए जंगल में जाता है