Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 50, Verse 12
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 50, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 50 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
चित्ताक्रमणमात्रात्तु परमादौषधादृते ।
प्रयत्नेनापि संसारमहारोगो न शाम्यति ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
इससे अतिरिक्त अन्य उपाय नहीं है, ऐसा कहते है।
केवल चित्तवशीकरणरूप परम ओषधि के सिवा यह संसाररूपी महारोग प्रयत्न से भी शान्त नहीं
होता