Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 49, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 49, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
वहवस्तुल्यकालं च प्रतिभासेन कर्मणाम् ।
जना यतन्ते स्वफलपाकेऽतिबहुलाकृतौ ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
वध,
बन्धन, पराजय, पलायन आदि विविध आकारवाले अपने प्रारब्धफल पाक के प्राप्य होने पर भी बहुत
से सैनिक आदि लोग एक ही समय एक तरह के जय, लाभ, भोग आदि प्रयोजनों की भ्रान्ति से उनके
लोभ से युद्ध आदि द्वारा यत्न करते हैं, यह प्रसिद्ध है