Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, Verse 69
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, verse 69 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 69
संस्कृत श्लोक
तदुत्तिष्ठ निजं कर्म कुर्वंस्तिष्ठोपशान्तधीः ।
न स्वकर्म विना श्रेयः प्राप्नुवन्तीह मानवाः ॥ ६९ ॥
हिन्दी अर्थ
इसलिए उठो ओर शान्त बुद्धि होकर अपना ब्रह्मचर्याश्रमोचित
अग्निहोत्रादि एवं स्वाध्याय आदि कर्म करो, क्योकि यहाँ मनुष्य अपने कर्म किये बिना कल्याण को
प्राप्त नहीं होते हैं