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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, Verse 59

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, verse 59 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 59

संस्कृत श्लोक

तथैवोत्थाय गच्छामि प्राप्तोऽहं भूतमण्डलम् । इमे भूता इमे ग्रामा दृष्टवानसि संभ्रमम् ॥ ५९ ॥

हिन्दी अर्थ

उसी प्रकार “मैं उठ कर जाता हूँ, मैंने भूतमण्डल नाम के ग्राम को प्राप्त किया, ये भूत हैं, ये ग्राम हैं" यह भी तुमने भ्रमात्मक ही देखा है