Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, Verse 41
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, verse 41 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 41
संस्कृत श्लोक
चित्ताभिगत एतस्मिन्प्राप्ते सम्यगनिन्दितः ।
तपो गिरितटे कुर्वन्किमन्यदभिवाञ्छसि ॥ ४१ ॥
हिन्दी अर्थ
हे गाधि, मनोवांछित इस मायादर्शन के प्राप्त
होने पर पर्वतभूमि में तपस्या करके निष्कलंक हुए तुम और क्या चाहते हो ?