Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, Verse 24
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, verse 24 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
इमास्ताः कीरकामिन्यः पद्मगर्भोपमत्वचः ।
कनकद्रववर्णिन्यो लोलनीलोत्पलेक्षणाः ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
ये वे ही कीर देश के नृप की कामिनियाँ हैं, जिनकी त्वचाएँ कमल के
मध्यभाग की तरह कोमल हैं और जिनका रंग पिघले हुए सुवर्ण की भाँति सुन्दर है और जिनके नेत्र
चंचल नीलकमल के सदुश हैं