Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 44, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 44, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 44 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
अथ स्नानविधावन्तर्जलमेष चकार ह ।
सकलाघविघातार्थं परिवर्तमिवात्मना ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर स्नानविधि में सब पापों की निवृत्ति के लिए (अघमर्षण के लिए) उसने जल के भीतर कुशयुक्त
अपने हाथ से आवर्त-सा किया