Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 42, Verse 7
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 42, verse 7 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 42 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
सामान्येन विचारेण क्षयमायाति दुष्कृतम् ।
योगवाक्यविचारेण को न याति परं पदम् ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
सामान्य विचार से भी जब पाप का नाश हो जाता है तब
वेदान्त वाक्यों के विचार से कौन परम पद को प्राप्त न होगा ?