Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 40, Verse 16
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 40, verse 16 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
शान्ते कर्तृत्वभोक्तृत्वे शान्तिरेवेह शिष्यते ।
प्रौढिमभ्यागता सैव मुक्तिरित्युच्यते बुधैः ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
कर्तृत्व ओर भोक्तृत्व के शान्त होने पर एकमात्र निर्विक्षेपता ही अवशिष्ट रहती है । कर्तृत्व
के मूलोच्छेद से बद्धमूल हुई निर्विक्षेपता ही विद्वानों द्वारा मुक्ति कही जाती है