Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 24, Verse 12
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 24, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 24 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
श्रृणु कः पुत्र देशोऽसौ सर्वं प्रकटयामि ते ।
देशनाम्ना मयोक्तस्ते मोक्षः सकलदुःखहा ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
अब गूढोक्ति का विवरण करते है ।
हे पुत्र कौन वह देश है, यह सब में तुमसे प्रकट करता हूँ, सुनो सम्पूर्ण दुःखों का नाश करनेवाला
मोक्ष ही मेने देश नाम से तुमसे कहा हे