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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 16, Verse 2

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 16, verse 2 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 16 · श्लोक 2

संस्कृत श्लोक

यद्यहंकारसंत्यागं करोमि तदिदं प्रभो । त्यजामि देहनामानं संनिवेशमशेषतः ॥ २ ॥

हिन्दी अर्थ

हे प्रभो, यदि मैं अहंकार का त्याग करूँ, तो मुझे देह नामक अवयव संनिवेश का पूर्णरूप से त्याग करना पड़ेगा | भाव यह कि प्राण ओर अहंकार की एकता स्वयं आप ही पहले कह आये हैं, अतः प्राणों को बचाकर अहंकार के त्याग का संभव नहीं, इसलिए अहंकार के साथ प्राण भी अवशिष्ट नहीं रहेंगे