Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 13, Verse 111
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 13, verse 111 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 111
संस्कृत श्लोक
रिपुभिर्नयनोन्मुक्तैर्दृष्टः सूत्रैर्निबध्यते ।
संकल्पकृतया शूरसेनया परिभूयते ॥ १११ ॥
हिन्दी अर्थ
शत्रुओं से केवल देखा गया पुरुषनेत्रो से रची
गई रस्सियों से मानों बोधा जाता है और संकल्प -मात्र से रची गयी शूर-वीर सेनाओं से मानों वह रंजित
होता है, इत्यादि भ्रान्ति के तुल्य ही यह भ्रान्ति हे