Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 12, Verse 18
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 12, verse 18 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 12 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
सुन्दर्या निजया बुद्ध्या प्रज्ञयेव वयस्यया ।
पदमासाद्यते राम न नामक्रिययान्यया ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, सत् शास्त्रों के अभ्यास और विचार से परिष्कृत तथा ऊहापोह में कुशल-
अनुरागयुक्त सखी के सदुश-अपनी मति से उत्तम पद प्राप्त होता है, अन्य क्रिया से प्राप्त नहीं
होता