Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 1, Verse 23
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 1, verse 23 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 1 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
उत्तस्थौ सावतंसोत्थभृंगमण्डलमण्डिता ।
करिसेनेव सन्ध्याद्रावालोलकरपुष्करा ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
सिर की मालाओं से उठ रहे भँवरों के दलों से
अलंकृत वह सभा अस्ताचल में (७७) चंचल सूँड़वाली गजसेना के सदुश उठी