Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 62, Verses 39–42
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 62, verses 39–42 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 62 · श्लोक 39
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
इन क्रियाओं से निवृत्त होकर उन श्रोताओं ने ब्राह्मण आदि से लेकर नौकर पर्यन्त
अपने-अपने परिवारों के साथ वर्ण-धर्म के क्रमानुसार भोज्यपदार्थो का भोजन किया