Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 6, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 6, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 6 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
इमे ते कुन्दमन्दारमकरन्दसुगन्धयः ।
चन्द्रांशुनिकराकाराः पारिजातसमीरणाः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
चन्द्रमा की किरणों की नाई आनन्द देनेवाले शीतलता ओर मन्दता
आदि से युक्त, कुन्द ओर मन्दार के मकरन्द से सुगन्धित ये पारिजात के वायु हैं