Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 56, Verse 24

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 56, verse 24 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 56 · श्लोक 24

संस्कृत श्लोक

संकल्पपुरुषस्वप्नजनद्वीन्दुत्वविभ्रमम् । यथा पश्यसि पश्य त्वं भावजातमिदं तथा ॥ २४ ॥

हिन्दी अर्थ

जैसे आप मनोरथ से कल्पित पुरुष को, स्वप्न में देखे गये मनुष्य को ओर द्विचन्दरत्वभरम को देखते हैं वैसे ही इन बाह्य दृश्य पदार्थों को भी देखिये