Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 55, Verse 6
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 55, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 55 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
ततः पूर्वकथास्तेन सह दाशूर भास्वता ।
कृतास्तनयसंबोधाः संसारोत्तरणक्षमाः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर उस दाशूररूपी सूर्य के साथ पहले से प्रस्तुत ब्रह्मचर्चा मैंने की जो उनके पुत्र को सम्यग्
बोध करानेवाली ओर संसार से उद्धार करने में समर्थ थी