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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 54, Verses 34–38

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 54, verses 34–38 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 34-38

संस्कृत श्लोक

किंत्वसद्भूत एवैष सुचिकित्स्यस्तदा भवेत् । अकृत्रिमं चेत्संसारमलमङ्गारकार्ष्ण्यवत् ॥ ३४ ॥ तदेतत्क्षालने साधो कः प्रवर्तेत दुर्मतिः । किंत्वेतत्तण्डुलेष्वेव तुषकञ्चुकवत्स्थितम् ॥ ३५ ॥ यतस्ततः प्रयत्नेन पौरुषेण विनश्यति । अकृत्रिममपि प्राप्तं भृशं पुत्र तथा पुनः ॥ ३६ ॥ सुखोच्छेद्यतया ज्ञस्य संसारमलमाततम् । तण्डुलस्य यथा चर्म यथा ताम्रस्य कालिमा ॥ ३७ ॥ नश्यति क्रियया पुत्र पुरुषस्य तथा मलम् । नश्यत्येव न संदेहस्तस्मादुद्यमवान्भव ॥ ३८ ॥

हिन्दी अर्थ

किन्तु यह असन्मय ही है, इसलिए इसका सुखपूर्वक निवारण किया जा सकता हे । जगत सत्य है, इस पक्ष में तो आत्मा भी जगत के तुल्य ही है, अतएव आत्मा में मलिन स्वभावता की प्राप्ति होने पर ज्ञान से सत्य का निरास ही सब प्रमाणों के विरुद्ध है, इससे अनिर्मोक्षप्रसंग हो जायेगा । विरुद्ध का (ज्ञान से सत्य के निरास का) भी यदि स्वीकार किया जाय, तो जैसे कोयले की कालिमा यदि कुछ बाकी रखकर धोई जाय तो कालिमा ही शेष रहेगी, यदि कुछ शेष न रखकर धोई जाय तो केवल शून्यता मे पर्यवसान होगा, इसी दृष्टान्त से इस पक्ष मं पुरुषार्थ का अस्तित्व ही मिट जायेगा, इस आशय से कहते है । हे साधो, यदि संसाररूपी मल कोयले की कालिमा के समान सत्य हो, तो इसको धोने के लिए कोन दुर्बुद्धि प्रवृत्त होगा ? किन्तु यह चावलों में छिलकों की नाई स्थित है, इसलिए इसका पौरुष प्रयत्न से विनाश हो जाता है। हे पुत्र, प्राप्त हुआ अनादिभूत भी यह संसारमल तत्त्वज्ञानी के लिए तो अनायास ही उच्छेद्यरूप से विस्तृत है; क्योकि अनादि अज्ञान से उत्पन्न, अतिविस्तृत भी रजत, स्वप्न आदि की भ्रान्ति का ज्ञानमात्र से उच्छेद दिखाई देता है, यह तात्पर्य हे । असंभावना, विपरीत भावना आदि मल का तो ज्ञान भूमिका अभ्यासरूप पुरुष प्रयत्न से भी विनाश होता है, इस आशय से कहते हैँ । जैसे पुरुष प्रयत्न से धान का छिलका नष्ट हो जाता है ओर जैसे तबि की कालिमा नष्ट हो जाती हैं वैसे ही प्रयत्न से पुरुष के असम्भावना, विपरीत भावना आदिरूप मल अवश्य नष्ट हो जाते हैं, इसमें सन्देह नहीं है, इसलिए तुम उसके लिए प्रयत्न करो