Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 54, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 54, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
उपशान्ते हि संकल्पे उपशान्तमिदं भवेत् ।
संसारदुःखमखिलं मूलादपि महामते ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे महामते, संकल्प के शान्त होने पर यह सारा
संसारदुःख जड से उपशान्त हो जाता है । भाव यह कि पूर्वोक्त दो उपायों से संकल्प के मूलतः उपशान्त
होने पर दुःख भी मूलतः उपशान्त हो जाता हे