Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 46, Verse 11
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 46, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 46 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
यया कयाचिद्युक्त्यैव दृश्याद्यस्य गता रतिः ।
परिमज्जति तस्यास्था न क्वचिद्विमला मतिः ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
जिस किसी भी युक्ति से जिस पुरुष का दृश्य से अनुराग चला गया, उसकी परमार्थ मेँ अभिनिवेश
रखनेवाली विमल मति मोहरूपी सागर में नहीं डूबती