Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 43, Verse 8
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 43, verse 8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 43 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
केचिन्महादुःखसहाः केचिदल्पोदयाः स्थिताः ।
केचिदत्यन्तमुदिताः केचिदर्कादिवोदिताः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
कोई बड़े-बड़े क्लेशो को (नरकं को) सहते हैं, कोई अल्प सुखवाले
(मनुष्य) हैं, कोई अत्यन्त प्रसन्न (देवगण) हैं और कोई मानों सूर्य से उदित हुए हैं यानी (सत्यलोकवासी)
हैं