Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, Verse 21

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, verse 21 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 21

संस्कृत श्लोक

यावत्तु न प्रबुद्धस्त्वं तावन्मद्वचसैव ते । \\xa0निश्चयो भवतूद्दामो नास्त्यविद्येति निश्चलः ॥ २१ ॥

हिन्दी अर्थ

अभी तो मेरे वचन के विश्वास से परोक्ष के तुल्य मुख से कहे गये अर्थ का ग्रहण कीजिए, ऐसा कहते है । जब तक आप प्रबुद्ध नहीं हुए हैं, तब तक आपको मेरे वचन से ही अविद्या नहीं है, ऐसा निश्चल दृढ़ निश्चय होना चाहिए