Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 40, Verse 25
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 40, verse 25 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 25
संस्कृत श्लोक
अग्नेः शिखाया एकस्या द्वितीया जनकेति या ।
उक्तिवैचित्र्यमेवैतन्नोक्त्यर्थेऽत्रास्ति सत्यता ॥ २५ ॥
हिन्दी अर्थ
पूर्वोक्ति अर्थ को ही उदाहरण देकर दशतिहै।
अग्नि की एक शिखा की दूसरी शिखा जनक हे, यह कथन वैचित्र्यमात्र है, इस कथन में सत्यता
नहीं है