Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 40, Verse 20
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 40, verse 20 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 20
संस्कृत श्लोक
या येह कलना योऽर्थो यः शब्दो यो गिरां गणः ।
तज्जत्वात्तन्मयत्वाच्च तत्तत्पदमिवेष्यते ॥ २० ॥
हिन्दी अर्थ
जो-जो कल्पनाएँ हैं, जो पदार्थ हैं, जो शब्द हैं और जो वाक्यार्थ हैं, वे सत् से उत्पन्न होने के कारण
तथा सन्मय होने के कारण सद्वस्तु की ही तरह इष्ट हैं