Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 39, Verse 24
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 39, verse 24 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
अज्ञस्यार्धप्रबुद्धस्य सर्वं ब्रह्मेति यो वदेत् ।
महानरकजालेषु स तेन विनियोजितः ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
अज्ञ को या अर्धप्रबुद्ध को सर्व ब्रह्म" (यह सब ब्रह्म है) ऐसा उपदेश दे, उसने
उस अज्ञानी को महानरक जालो मे डाल दिया