Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 39, Verse 23
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 39, verse 23 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
आदौ शमदमप्रायैर्गुणैः शिष्यं विशोधयेत् ।
पश्चात्सर्वमिदं ब्रह्म शुद्धस्त्वमिति बोधयेत् ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
अर्धव्युत्पन्न पुरुष को किस प्रकार उपदेश देना चाहिए, इस पर कहते हैं।
पहले शम, दम आदि गुणों से शिष्य को विशुद्ध करे, तदनन्तर शुद्ध तुम यह सर्वात्मक ब्रह्म हो,
ऐसा ज्ञान कराये