Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 34, Verse 25
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 34, verse 25 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 25
संस्कृत श्लोक
भीमभासदृढास्ते तु तस्मिन्विषमसंगरे ।
विष्णुनैव शमं नीताः पवनेनेव दीपिकाः ॥ २५ ॥
हिन्दी अर्थ
उस विषम संग्राम में वे भीम, भास और दृढ़ तो जैसे वायु से दीपक शान्त हो जाते हैं
वैसे ही भगवान विष्णु द्वारा ही शान्त (विदेहमुक्त) किये गये