Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 34, Verse 24
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 34, verse 24 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
शशाम समरे तस्मिन्दैत्यः सबलवाहनः ।
नारायणहतो यातः शम्बरो वैष्णवीं पुरीम् ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
उस युद्ध में शम्बरासुर अपनी
सेना, सवारी आदि के साथ शान्त (कालकवल) हो गया । नारायण के हाथ से मरा हुआ वह वैकुण्ठ को
चला गया