Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 33, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 33, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 33 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
अभिमानं परित्यज्य शममाश्रित्य शाश्वतम् ।
विचार्य प्रज्ञयार्यत्वं कुर्यात्सज्जनसेवनम् ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
अब शम का उपाय कहते है ।
अभिमान का त्याग कर, स्थिर शम का अवलम्बन कर और बुद्धि से मोक्ष के योग्य उत्तमकुल में
जन्म आदिरूप अपनी श्रेष्ठता का विचार कर सज्जनो की सेवा करे