Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 31, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 31, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 31 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
अहङ्कारपिशाचार्ता दामव्यालकटास्त्रयः ।
गताः सत्तामसन्तोऽपि मायामाहात्म्यदानवाः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
माया के माहात्म्य से दानव बने हुए दाम, व्याल और कट ये तीनों यद्यपि जन्म-
मरण प्रवाह की सत्ता से रहित थे तथापि अहंकाररूपी पिशाच से पीड़ित होकर जन्म-मरण प्रवाह की
सत्ता को प्राप्त हुए