Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 25, Verse 7
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 25, verse 7 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 25 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
आसीत्पातालकुहरे सर्वाश्चर्यमनोरमे ।
शम्बरो नाम दैत्येन्द्रो मायामणिमहार्णवः ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
सम्पूर्ण आश्चर्य वस्तुओं से मनोहर पातालगर्त
में शम्बर नामक दैत्यराज था । उसे मायारूपी मणियों का यदि महार्णव कहें, तो कोई अत्युक्ति न
होगी