Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 2, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 2, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 2 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
अत्यन्ताभाव एवास्य जगतो विद्यते यदा ।
तदा ब्रह्मेदमखिलमिति तद्राम नान्यथा ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, जब इस जगत का अत्यन्त अभाव ही है, तब सम्पूर्ण
जगत ब्रह्म ही है, उससे अतिरिक्त नहीं हे, यही श्रुति का तात्पर्य है