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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 19, Verse 6

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 19, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 19 · श्लोक 6

संस्कृत श्लोक

स मुक्तो भृगुपुत्रो हि निर्मलत्वात्स्वसंविदः । बद्धः प्रथमदृष्टेन दृश्येनाशु स्वभावतः ॥ ६ ॥

हिन्दी अर्थ

भार्गवोपाख्यान भी पूर्वोक्त अर्थ में दृष्टान्त है, ऐसा कहते है । जो प्रथम दृष्ट अप्सरारूप दृश्य से चित्त के स्वभाव वश शीघ्र बद्ध हो गया था, वह भूग-पुत्र अपनी संवित्‌ के (ज्ञान के) निर्मल हो जाने से मुक्त हो गया