Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 13, Verse 19

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 13, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 19

संस्कृत श्लोक

तेजोनिधी ह सममङ्ग समुत्थितौ तौ भातस्तदाम्बरतले सतमालजाले । तुल्योदयाविव नभस्यमले विहर्तुमभ्युत्थितौ सजलदौ सकलेन्दुसूर्यौ ॥ १९ ॥

हिन्दी अर्थ

तमाल के वृक्षों के झुण्ड से युक्त मन्दराचल में एक ही साथ खड़े हुए वे दोनों तेज के निधान उस समय बादलों से युक्त, निर्मल आकाश में विहार करने के लिए एक साथ उदित हुए पूर्णचन्द्र और सूर्य के समान सुशोभित हुए