Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 96, Verses 29–30

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 96, verses 29–30 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 96 · श्लोक 29

संस्कृत श्लोक

सदसत्तां नयत्याशु सत्तां वा सत्त्वमञ्जसा । सत्तासत्ताविकल्पोऽयं तेन मायेति कथ्यते ॥ २९ ॥ दर्शनश्रवणस्पर्शरसनघ्राणकर्मभिः । क्रियेति कथ्यते लोके कार्यकारणतां गता ॥ ३० ॥

हिन्दी अर्थ

जब वह शुद्ध चेतन सत्‌ को शीघ्र असत्ता को प्राप्त करता है ओर असत्‌ को (देहादि को) प्रमाणसत्ता के बिना सत्ता को प्राप्त करता है, इसलिए सत्ता और असत्ता का विकल्परूप होने से माया कहलाता है