Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 94, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 94 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
त्वदुक्ता तादृगारम्भा सद्भी राजसतामसी ।
सैव संदिग्धमोक्षा चेत्सहस्रैरपि जन्मनाम् ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
दसवीं जीवजाति को दशतिहै।
यदि वही उत्पत्ति, जिसमें हजारों जन्मों से भी मोक्ष पाने मे सन्देह हो ओर राजस, अत्यन्त
तामस आदि फल को देनेवाले उपासना आदि कर्मो के आरम्भवाली हो, तो उसको
राजसात्यन्ततामसी कहते हैं