Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 93, Verse 14
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 93, verse 14 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 93 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
तदनु योनितो जगति जायन्ते तदनु काकतालीययोगेनोत्पन्नवासनाप्रवाहानुरूपकर्मफलभागिनो भवन्ति ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
तदुपरान्त योनि से जगत् में उत्पन्न होते हैँ । तदनन्तर काकतालीयन्याय के सम्बन्ध
से उत्पन्न वासनाप्रवाह के अनुसार अपने कर्मफल के भागी होते हैं