Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 90, Verse 11
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 90, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 90 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
अथास्माकं विभो सर्गे मिथःसंबन्धभावनौ ।
तपःपरौ महापुण्यौ जातौ ब्राह्मणदम्पती ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर बहुत जन्मों के बाद हे प्रभो, हमारे ब्रह्माण्ड में परस्पर
सम्बन्ध की भावनावाले वे दोनों तपस्यामें निरत बड़े पुण्यात्मा ब्राह्मणदम्पती हुए