Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 89, Verses 7–8
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 89, verses 7–8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 89 · श्लोक 7,8
संस्कृत श्लोक
भानुरुवाच ।
श्रूयते हि पुरा देव मागधेषु महीपतिः ।
इन्द्रद्युम्न इति ख्यात इन्द्रद्युम्न इवापरः ॥ ७ ॥
तस्येन्दुबिम्बप्रतिमा भार्या कमललोचना ।
अहल्या नाम तत्रासीच्छशाङ्कस्येव रोहिणी ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
सूर्य ने कहा : हे देव, सुना जाता है, प्राचीन
समय में मगध देश में इन्द्रद्युम्न नामका राजा हुआ, जो पुराण में प्रख्यात राजा इन्द्रद्युम्न के
समान प्रतापी था। जैसी चन्द्रमाकी रोहिणी भार्या है वैसी ही उसकी चन्द्रमण्डलकी कान्ति के
समान कान्तिवाली कमल के तुल्य विशाल नेत्रवाली अहल्या नामकी भार्या थी